उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार के विकास कार्यों को गिनाया और कानून एवं व्यवस्था के मामले में अपनी सरकार की उपलब्धियों पर भी खुलकर बोले। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सामने आज से नौ वर्ष पहले पहचान का संकट था। हमको यहां काम करने का अवसर मिला और हमने यूपी को पहचान के संकट से उबारा। उन्होंने राम मंदिर समेत कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी और विपक्ष को घेरा।

नौ साल का रिपोर्ट कार्ड

लखनऊ में आयोजित ‘पंचायत आजतक’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के 9 साल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी यूपी में हैट्रिक लगाने जा रही है।

योगी बोले कि आज उत्तर प्रदेश में देश के कई राज्यों से बेहतर सड़कें हैं, सबसे ज्यादा एयर कनेक्टिविटी वाले एयरपोर्ट यूपी में हैं और देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली-मेरठ के बीच शुरू हो चुकी है।

उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी लोग चाहे जिस पेशे से जुड़े हों आपने यूपी की प्रगति देखी है। उन्होंने कहा कि बदलते भारत में उत्तर प्रदेश की क्या भूमिका हो सकती है, क्या आकांक्षाएं हों, इन सभी बातों को एक मुख्यमंत्री के रूप में मैंने अनुभव किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में एक से उन्हें देश की संसद में प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है।

सीएम योगी ने कहा कि मैं संसद में अपने क्षेत्र और लोगों के मुद्दे उठाता था, कभी-कभी निराशा भी होती थी, ऐसा लगता था कि बीमारी से मरना, बिजली की कमी से जूझना और बेरोजगारी जैसे मुद्दे नीयति बन चुके हैं। सीएम ने कहा कि तब इस बात को लेकर काफी पीड़ा होती थी जब लगता था कि क्या इन समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि पिछले नौ साल के दौरान हमने यूपी को पहचान के संकट से उबारा है।

अर्थव्यवस्था और किसानों पर की बात

सीएम योगी ने कहा कि पूरी अर्थव्यवस्था बॉटम थ्री में थी इसे हम टॉप थ्री में लेकर आए हैं। जीडीपी तीन गुना हुई है और प्रति व्यक्ति आय में इजाफा हुआ है। महिला वर्कफोर्स तीन गुना बढ़ा है। सीएम ने सिंचाई से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक सरकार की उपलब्धियां गिनाई और बाणसागर परियोजना को उदाहरण के तौर पर पेश किया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कई लंबित योजनाओं को हमने पूरा किया है। यूपी के किसानों को हम 10 घंटे फ्री बिजली उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि 2007 से 2017 तक 29 चीनी मिलें बंद हुई और 21 चीनी मिलें औने-पौने दाम पर बेच दी गई थी।

सीएम ने कहा कि जब हम सरकार में आए तब 10 वर्ष का गन्ना भुगतान बकाया था, हमने पिछले 10 वर्ष में 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया है।

राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर बोले

सीएम ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर भी अपनी बात रखी, उन्होंने कहा कि अयोध्या में हुई ये घटना हम जैसे राम भक्तों की आस्था को आहत करती है। इसकी न्यायपूर्ण जांच के लिए सरकार ने एसआईटी गठित की है।

योगी ने कहा कि ट्रस्ट एक स्वतंत्र संस्था है और सरकार इसके कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करती है। उन्होंने कहा कि एसआईटी का गठन ट्रस्ट के अनुरोध पर हमारी सरकार ने किया और रिपोर्ट आते ही कार्यवाई शुरू कर दी गई है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोगों ने नैतिक आधार पर इस्तीफे दिए, जो लोग विजुअल में चोरी करते पकड़े गए और जिन लोगों ने सहयोग किया उनकी गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस घटना के नाम पर अयोध्या को बदनाम करना, श्रीराम जन्म भूमि को बदनाम करना, हिंदू आस्था पर प्रहार करना न्यायसंगत नहीं है।

विपक्ष को घेरा

सीएम योगी ने कहा कि जब ये लोग सत्ता में थे, आस्था पर प्रहार करते थे। अराजकता फैलाते थे, गुंडागर्दी के चरम तक पहुंचते थे। हर तरह से आस्था को आहत करने वाले काम करते थे। उन्होंने कहा कि आज यूपी के सभी आस्था के केंद्र देश के लिए मॉडल बन रहे हैं।

योगी ने कहा कि अयोध्या में आस्था को सम्मान भी मिला है और अर्थव्यवस्था ने भी प्रगति की है, उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि समाजवादी पार्टी के लिए पीड़ा हो सकती है क्योंकि उनका कहना था कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता, लेकिन आज यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले जो लोग कांवड़ यात्रा, रामनवमी की शोभायात्रा और दुर्गा पूजा पंडालों को प्रतिबंधित करते थे, वे लोग आज आस्था की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, वे लोग आज आस्था की बात करते हैं। जिन लोगों ने अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाकर वातावरण को दूषित करने का प्रयास किया वे लोग आज आस्था की बात करते हैं।