मथुरा-वृंदावन में मंगलवार सुबह विवादित होर्डिंग मिलने से सियासी हलचल तेज हो गई। गोवर्धन चौराहे के पास हाईवे और एफसीआई क्षेत्र में लगे इन होर्डिंग में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीरें एक खास धार्मिक टोपी के साथ दिखाई गई थीं।
होर्डिंग पर “दिल में बाबर, मुख में राम” जैसे विवादास्पद नारे भी लिखे हुए थे, जिन्हें देखकर स्थानीय लोग हैरान रह गए।
सुबह जैसे ही इन होर्डिंगों की तस्वीरें और वीडियो लोगों की नजर में आए, वे सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगे। खबर मिलते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में गुस्सा भड़क उठा।
पार्टी नेताओं ने इसे अपनी छवि खराब करने और माहौल बिगाड़ने की सोची-समझी चाल बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोवर्धन चौराहे और एफसीआई के पास लगे दोनों विवादित होर्डिंग तुरंत हटवा दिए।
अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि होर्डिंग किसने और क्यों लगाए, हालांकि माना जा रहा है कि यह काम मंगलवार रात में ही अंजाम दिया गया। सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश करार दिया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक असहमति स्वाभाविक बात है, लेकिन इस तरह की आपत्तिजनक हरकतें सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं।
गौरतलब है कि इससे मिलते-जुलते विवादित पोस्टर अयोध्या और बाराबंकी में भी सामने आ चुके हैं। मथुरा में होर्डिंग हटाए जाने के बाद पुलिस अब पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी है।

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