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ममता दुबे
करघे की खट-खट में बसती है भारत की आत्मा
लेखिका ममता दुबे का यह लेख राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस (7 अगस्त) के अवसर पर हस्तकरघा कला, बुनकरों के परिश्रम और भारतीय सांस्कृतिक पहचान के...
आज की सबसे बड़ी हार रणभूमि में नहीं, मनभूमि में हो रही है।
यह वाक्य केवल एक सूक्ति नहीं, बल्कि आज के समाज का यथार्थ है। पहले मनुष्य का संघर्ष मुख्यतः बाहरी परिस्थितियों से होता था—युद्ध, अकाल,...


