आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की ई20 ईंधन नीति पर सीधा हमला बोला। केजरीवाल नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने ई20 नीति को सवालों के घेरे में खड़ा किया।
केजरीवाल ने ई20 पेट्रोल की अनिवार्यता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने केंद्र सरकार के सामने तीन बड़ी मांगें रखीं। इस दौरान केजरीवाल ने बताया कि वह अपनी याचिका सौंपने के लिए वह 4 अगस्त को प्रधानमंत्री आवास तक विरोध मार्च निकालेंगे।
केजरीवाल की तीन प्रमुख मांगें
अरविंद केजरीवाल ने वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए तीन स्पष्ट मांगें रखी हैं। पहली, केंद्र सरकार पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को ईंधन चुनने की आजादी दे। जो चालक ई20 पेट्रोल खरीदना चाहें, वे ई20 लें।
जो लोग शुद्ध पेट्रोल का इस्तेमाल करना चाहते हैं, वे शुद्ध पेट्रोल खरीदें। दूसरी, ई20 मिश्रित पेट्रोल की कीमत शुद्ध पेट्रोल की तुलना में काफी कम होनी चाहिए। तीसरी मांग है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटी हैं। सरकार इस गिरावट का फायदा सीधे जनता को दे और पेट्रोल की खुदरा कीमत 84 रुपये प्रति लीटर से नीचे लाए।
वाहनों के नुकसान और अमेरिकी दबाव का आरोप
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ई20 ईंधन के इस्तेमाल से वाहन चालकों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ई20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं और माइलेज में गिरावट आ रही है।
केजरीवाल ने दावा किया कि केंद्र सरकार भारत में अमेरिकी दबाव के कारण इस नीति को जबरन लागू कर रही है।
अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि मंगलवार दोपहर तक दिल्ली की जनता से याचिकाएं एकत्र करेंगे। इसके बाद वह लगभग 100 समर्थकों के साथ लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास तक मार्च का नेतृत्व करेंगे। वहां जाकर वह प्रधानमंत्री को अपनी ज्ञापन सौंपेगे।

Curated news reports, in-depth analysis, and special features by India’s Opinion editorial team.




