शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन जंतर-मंतर पर जारी है। इसी बीच कांग्रेस ने भी विरोध का एक नया मोर्चा खोल दिया है।
राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरना शुरू कर दिया। प्रियंका गांधी भी इस धरने में शामिल हुईं। कांग्रेस सांसदों की मांग है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
केंद्रीय मंत्री मुलाकात के लिए पहुंचे
थोड़ी देर पहले पीएम आवास के पास धरना दे रहे राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं से मिलने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पहुंचे। धरना स्थल से आई तस्वीरों में जितेंद्र सिंह को राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से बातचीत करते देखा जा सकता है।
सोमवार को संसद चलो मार्च के दौरान सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज हुआ था। इसमें कई युवा घायल हुए थे। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार नीट पेपर लीक मामले पर बयान दिया, हालांकि यह बयान सीधे न आकर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के जरिए सामने आया।
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर धरने की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “कल युवा स्टूडेंट्स के साथ हुई क्रूरता को लेकर पीएम मोदी से जवाब मांगने के लिए हमने उनके घर तक मार्च किया है।”
उन्होंने आगे लिखा, “सरकार कोई जवाबदेही नहीं लेना चाहती या संसद में इस पर बहस नहीं चाहती। भारत के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी धरना स्थल पर पार्टी सांसदों के साथ मौजूद रहे। उन्होंने एक्स पर लिखा, “कांग्रेस पार्टी छात्रों के हक और उनकी जायज़ मांगों के साथ है। हम प्रधानमंत्री निवास के बाहर धरने पर बैठे हैं।”
खड़गे ने आगे लिखा, “इस बुज़दिल तानाशाह सरकार को लाठीचार्ज और बल प्रयोग पर जवाब देना होगा। मोदी-शाह हमारे युवाओं के गुनहगार हैं, उनको इस्तीफा देना पड़ेगा।”
चरणजीत सिंह चन्नी और रंधावा पुलिस हिरासत में
धरने के दौरान पुलिस ने पंजाब कांग्रेस के नेता चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा को हिरासत में लिया। चन्नी ने मीडिया से कहा, “ये बीजेपी का आतंकवाद है। ये छात्रों को सुन नहीं रहे हैं।”
धरने के अलावा राहुल गांधी ने कुछ विपक्षी नेताओं के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की। बैठक के बाद राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि विपक्ष की मांग सीधी है, छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई और परीक्षा से जुड़े संकट पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।
जितेंद्र सिंह की मुलाकात के बाद भी धरना खत्म होने का कोई संकेत नहीं है, और कांग्रेस नेता अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। अब देखना यह है कि सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत का कोई रास्ता निकलता है, या फिर मानसून सत्र में यह टकराव और तेज होता है।

Curated news reports, in-depth analysis, and special features by India’s Opinion editorial team.




