चयन समिति के आधिकारिक ईमेल पर सोमवार को भर्ती नोटिफिकेशन जारी होने के 24 घंटे के भीतर ही आवेदनों की बाढ़ आ गई। पहले ही दिन करीब 750 आवेदन प्राप्त हुए। समिति को उम्मीद है कि 18 जुलाई की अंतिम तारीख तक यह संख्या हजारों में पहुंच सकती है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने नए सीईओ की तलाश के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है। यह सीईओ मंदिर ट्रस्ट के रोजमर्रा के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेगा। मंदिर में दान चोरी के आरोपों को लेकर चल रहे विवाद के बीच यह नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हुई है।
आवेदनों की भारी संख्या को देखते हुए समिति ने एक सचिव नियुक्त करने का फैसला किया है, जो तय मानदंडों के आधार पर आवेदनों को छांटने में मदद करेगा। सूत्रों के अनुसार यह सचिव भी किसी रिटायर्ड अधिकारी को बनाया जा सकता है। समिति 19 जुलाई को बैठक कर आवेदनों की जांच शुरू करेगी और साक्षात्कार तय करेगी।
पूर्व आईपीएस अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता अमिताभ ठाकुर (58) उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने सार्वजनिक रूप से आवेदन की पुष्टि की है। ठाकुर पहले भी विवादों में रह चुके हैं। पिछले साल देवरिया जिले में 1999 के एक औद्योगिक भूखंड धोखाधड़ी मामले में लखनऊ पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
चयन समिति में रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और रिटायर्ड परमाणु वैज्ञानिक तथा शिरडी के श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हावरे शामिल हैं।
सोमवार को समिति ने पात्रता मानदंड तय किए। आवेदक की उम्र 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए। उसके पास कम से कम 20 साल का प्रशासनिक अनुभव होना जरूरी है। आवेदक को अयोध्या में रहने के लिए तैयार होना चाहिए।
एक अहम शर्त यह भी है कि आवेदक व्यवहारिक रूप से हिंदू और भगवान राम के प्रति समर्पित हो, साथ ही उसे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का ज्ञान होना चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक अब तक मिले आवेदनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में रिटायर्ड नौकरशाह शामिल हैं। इनमें से कई को धार्मिक स्थलों पर प्रबंधकीय पदों पर काम करने का अनुभव भी है।
मानदंडों के अनुसार 20 साल तक किसी बड़े सार्वजनिक संगठन, संस्थान या विभाग को संभालने का अनुभव जरूरी बताया गया है। सामान्य प्रशासन, वित्त, जनसंपर्क और कानून के क्षेत्र में बहुस्तरीय अनुभव रखने वाले रिटायर्ड अधिकारी भी आवेदन कर सकते हैं।
जांच के बाद उपयुक्त उम्मीदवारों को साक्षात्कार या चर्चा के लिए बुलाया जाएगा। उम्मीदवारों की वरिष्ठता को देखते हुए पैनल जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन साक्षात्कार के लिए भी तैयार है, लेकिन अंतिम फैसला 19 जुलाई की बैठक के बाद ही लिया जाएगा।
ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को होनी है, जिसमें चयन समिति अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश करेगी। समिति की अगली बैठक दिल्ली में होने की संभावना है। समिति का मकसद ट्रस्ट को तीन नाम सुझाना है, और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी व योग्यता आधारित रखने का प्रयास किया जाएगा।

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