भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के हमलों पर तीखा पलटवार किया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने मंगलवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया।

पात्रा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए एक बड़ा बयान दिया। जैसा कि जनसत्ता की रिपोर्ट में बताया गया है, पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी की मदद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार नहीं, बल्कि विघ्नहर्ता भगवान गणेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता का आशीर्वाद और भगवान गणेश की कृपा से ही बीजेपी लगातार चुनाव जीत रही है।

विपक्ष के मार्च पर बीजेपी का कड़ा रुख

विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को संसद परिसर से निर्वाचन सदन तक विरोध मार्च निकालने की कोशिश की। विपक्ष ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और वोटर फॉर्म 6 में कथित बदलावों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर विपक्षी नेताओं को रास्ते में ही रोक दिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, द टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया कि विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग पर निष्पक्षता खोने का आरोप लगाया। इस पर पलटवार करते हुए संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार को पचा नहीं पा रही है। जब भी कांग्रेस चुनाव हारती है, वह चुनाव आयोग और ईवीएम पर ठीकरा फोड़ने लगती है। पात्रा ने इसे देश में अराजकता फैलाने की सुनियोजित साजिश करार दिया।

राहुल गांधी और कांग्रेस से 10 तीखे सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संबित पात्रा ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवालों की बौछार कर दी। लाइव हिंदुस्तान के मुताबिक, बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी से 10 सीधे सवाल पूछे:

  1. यदि चुनाव आयोग पक्षपाती है, तो कांग्रेस तेलंगाना और कर्नाटक में कैसे जीती?
  2. क्या हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार चुनाव आयोग की मेहरबानी से बनी थी?
  3. क्या राहुल गांधी और सोनिया गांधी भी वोट चोरी के जरिए संसद पहुंचे हैं?
  4. जब नतीजे पक्ष में आते हैं, तब ईवीएम और आयोग निष्पक्ष कैसे हो जाते हैं?
  5. देश में ईवीएम की शुरुआत राजीव गांधी की सरकार ने 1989 में कानून बनाकर की थी, क्या कांग्रेस इसे भूल गई?
  6. हार का सामना करने पर हर बार संवैधानिक संस्थाओं का अपमान क्यों किया जाता है?
  7. क्या कांग्रेस पार्टी अदालतों और चुनाव आयोग के फैसलों को नकारने की आदत बना चुकी है?
  8. मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया का विरोध करके कांग्रेस किसे बचाना चाहती है?
  9. क्या कांग्रेस विदेशी और फर्जी मतदाताओं के नाम हटाने की वैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ है?
  10. लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान करने के बजाय संसद से सड़क तक हंगामा खड़ा करने का क्या औचित्य है?

‘ज्ञानेश नहीं, गणेश जी की कृपा से जीत’

संबित पात्रा ने कहा कि भगवान गणेश बुद्धि और विवेक के देवता हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने विवेक का इस्तेमाल करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों को चुना है। टाइम्स नाउ के अनुसार, पात्रा ने स्पष्ट किया कि बीजेपी किसी अधिकारी के सहारे नहीं, बल्कि अपने करोड़ों कार्यकर्ताओं के परिश्रम और जनता के भरोसे पर चुनाव जीतती है।

उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी झूठ की राजनीति कर रही है। पात्रा ने कहा कि जनता के बीच जाने के बजाय कांग्रेस नेता सिर्फ आरोप लगाने में व्यस्त हैं। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद हमले बंद करने चाहिए।

संस्थाओं पर भरोसे की अपील

बीजेपी प्रवक्ता ने प्रेस वार्ता के अंत में कहा कि भारत का चुनाव आयोग दुनिया की सबसे विश्वसनीय संस्थाओं में से एक है। कई देशों के प्रतिनिधि भारत की चुनाव प्रणाली का अध्ययन करने आते हैं। ऐसे में घरेलू राजनीति के लिए आयोग की साख पर सवाल उठाना गैर-जिम्मेदाराना है।

उन्होंने कहा कि बीजेपी लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पूरा सम्मान करती है। पार्टी ने विपक्ष को चुनौती दी कि वह जनता के बीच जाकर मुद्दों पर मुकाबला करे, न कि चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर ड्रामा करे।