देश भर में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 इन्फ्लूएंजा के मामलों में तेजी से उछाल आया है। राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा भी वायरस की चपेट में आ गए हैं। उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के मेडिकल आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इस बीच, संक्रमण के बढ़ते प्रसार को देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने देशव्यापी स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है।

एसएमएस अस्पताल के आईसीयू में मंत्री की निगरानी

डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को तेज बुखार और खांसी की शिकायत थी। जांच रिपोर्ट में उनके H1N1 वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों की विशेष टीम आईसीयू में उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मंत्री की स्थिति स्थिर है। उन्हें जरूरी दवाएं और चिकित्सीय देखभाल दी जा रही है। राजस्थान में अगस्त महीने में अब तक स्वाइन फ्लू के 129 से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं।

IMA की जनता से अपील, घबराएं नहीं, सतर्कता बरतें

देश भर में फ्लू के बढ़ते मामलों पर IMA ने लोगों को न घबराने की सलाह दी है। डॉक्टरों के शीर्ष संगठन ने स्पष्ट किया कि अधिकांश मामले सामान्य होते हैं। मरीज समय पर इलाज और आराम से पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।

ICMR की जांच में वायरस में किसी नए खतरनाक म्यूटेशन के प्रमाण नहीं मिले हैं। यह मौसमी बदलाव के कारण फैलने वाला सामान्य H1N1 वायरस ही है।

बिना डॉक्टरी सलाह एंटीबायोटिक दवाओं के इस्तेमाल पर रोक

IMA ने मरीजों को खुद से एंटीबायोटिक दवाएं लेने से सख्त मना किया है। एसोसिएशन ने कहा कि स्वाइन फ्लू एक वायरल बीमारी है। वायरस पर एंटीबायोटिक दवाएं बिल्कुल बेअसर होती हैं।

बिना जरूरत एजिथ्रोमाइसिन या सेफिक्सिम जैसी दवाएं लेने से शरीर में दवा प्रतिरोधकता (AMR) बढ़ती है। इसके अलावा ओसेल्टामिविर जैसी एंटीवायरल दवा भी सिर्फ डॉक्टर के पर्चे पर ही लेनी चाहिए।

बचाव के जरूरी नियम और लक्षण

फ्लू से बचाव के लिए IMA ने भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने की सलाह दी है। छींकते समय मुंह और नाक को ढकना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही नियमित रूप से साबुन से हाथ धोएं।

बुखार, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है।