बॉलीवुड में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिन्हें समय बीतने के बाद भी भुलाया नहीं जा सका। इन्हीं में से एक है जल कमल नरसंहार, जिसने अभिनेता कमल सदाना की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी।
21 अक्टूबर 1990 को कमल सदाना अपना 20वां जन्मदिन मना रहे थे। यह दिन उनके जीवन का सबसे यादगार दिन होना चाहिए था, लेकिन कुछ ही घंटों में खुशियां मातम में बदल गईं। उस रात हुई गोलीबारी में उनकी मां सईदा (सुधा) खान और बहन नम्रता की मौत हो गई, जबकि खुद कमल भी गोली लगने के बावजूद बच गए। बाद में उनके पिता और प्रसिद्ध फिल्म निर्माता बृज सदाना की भी मृत्यु हो गई।
कमल सदाना दोस्तों के साथ जन्मदिन का जश्न मनाकर बांद्रा स्थित अपने घर ‘जल कमल’ लौटे थे। सब कुछ सामान्य लग रहा था। तभी अचानक घर में गोली चलने की आवाज गूंजी।
पहली आवाज के बाद किसी को कुछ समझ नहीं आया। लेकिन कुछ ही सेकंड बाद दूसरी गोली चली और घर का माहौल पूरी तरह बदल गया।
कमल दौड़कर उस कमरे में पहुंचे जहां से आवाज आई थी। वहां उन्होंने अपनी मां और बहन को खून से लथपथ देखा। उनके पिता बृज सदाना हाथ में लाइसेंसी रिवॉल्वर लिए खड़े थे। इससे पहले कि कमल कुछ समझ पाते, उन पर भी गोली चला दी गई। गोली उनकी गर्दन के पिछले हिस्से को छूती हुई निकल गई और वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस पूरी घटना का सबसे भावुक पहलू यह था कि कमल को यह भी एहसास नहीं था कि उन्हें खुद गोली लगी है। उनका पूरा ध्यान अपनी मां और बहन को अस्पताल पहुंचाने पर था। खून से भीगे कपड़ों को देखकर उन्हें लगा कि यह उनकी मां और बहन का खून है। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर में भी गोली लगी है। इसके बाद उनका ऑपरेशन किया गया।
जब ऑपरेशन के बाद उन्हें होश आया, तब तक सब कुछ बदल चुका था। उनकी मां और बहन की मौत हो चुकी थी। बाद में उन्हें यह भी पता चला कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। कुछ ही घंटों में उनका पूरा परिवार बिखर चुका था।
इस घटना के पीछे की असली वजह आज तक स्पष्ट नहीं हो सकी। चूंकि बृज सदाना की भी उसी रात मौत हो गई थी, इसलिए उनका पक्ष कभी सामने नहीं आ सका। बाद के वर्षों में परिवार से जुड़े लोगों, पत्रकारों और फिल्म जगत के कई लोगों ने अलग-अलग कारण बताए। इनमें पेशेवर असफलताओं से उपजी निराशा, शराब की लत, पारिवारिक तनाव और घरेलू विवाद जैसी बातें सामने आईं। हालांकि इनमें से किसी भी दावे की अदालत में पुष्टि नहीं हुई।
आधिकारिक रिकॉर्ड और बाद में सामने आए बयानों में एक बात समान रही कि घटना के समय बृज सदाना शराब के नशे में थे। कमल सदाना ने भी वर्षों बाद दिए इंटरव्यू में इसकी पुष्टि की थी।
घटना के बाद सामने आई कई रिपोर्टों में दावा किया गया कि घर में तनाव कोई नई बात नहीं थी। बताया गया कि पहले भी घरेलू विवाद के दौरान बृज सदाना ने रिवॉल्वर निकाली थी। उस समय अभिनेत्री नरगिस के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने हथियार जब्त कर लिया था। बाद में लाइसेंसी रिवॉल्वर उन्हें वापस मिल गई। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
उस रात कमल सदाना के करीबी दोस्त आबिस रिजवी ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने और इलाज दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों की दोस्ती कई वर्षों तक कायम रही और बाद में आबिस ने कमल के निर्देशन में बनी फिल्म रोअर का निर्माण भी किया। लेकिन साल 2017 में इस्तांबुल के रीना नाइटक्लब आतंकी हमले में आबिस की भी मौत हो गई। कमल ने इसे अपनी जिंदगी का एक और बड़ा व्यक्तिगत नुकसान बताया।
बृज सदाना हिंदी सिनेमा के जाने-माने निर्माता-निर्देशक रहे। उन्होंने विक्टोरिया नं. 203, चोरी मेरा काम, प्रोफेसर प्यारेलाल, नाइट इन लंदन, यकीन और एक से बढ़कर एक जैसी फिल्मों का निर्माण किया था। उन्होंने अभिनेत्री सईदा खान से विवाह किया था, जिन्होंने शादी के बाद फिल्मों से दूरी बना ली थी। बाहर से यह परिवार सफल और प्रतिष्ठित दिखाई देता था, लेकिन बाद की रिपोर्टों से पता चलता है कि घर के भीतर लंबे समय से तनाव मौजूद था।
परिवार को खोने के कुछ ही सप्ताह बाद कमल सदाना ने काम की तलाश शुरू कर दी। उन्हें बाद में फिल्म बेखुदी में काजोल के साथ अभिनय का मौका मिला। संयोग से फिल्म के एक भावनात्मक दृश्य की शूटिंग 21 अक्टूबर को ही हुई, जिस दिन एक साल पहले उन्होंने अपने परिवार को खोया था। यह अनुभव उनके लिए बेहद कठिन था।
कमल ने बाद में रंग, सलाम वेंकी और पिप्पा जैसी फिल्मों में काम किया। उन्होंने कई बार कहा कि समय के साथ उन्होंने जीवन में आगे बढ़ना सीखा, हालांकि 21 अक्टूबर की तारीख आज भी उनके लिए सिर्फ जन्मदिन नहीं, बल्कि उस त्रासदी की याद है जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी।

Jitendra Kumar is a graduate of the acclaimed IIMC with extensive experience across leading newspapers and media organisations.




