स्वतंत्र भारत और पाकिस्तान बने करीब 80 साल हो गए हैं। फिर भी दोनों देशों के आम लोगों में एक-दूसरे को लेकर नकारात्मक सोच हावी है। दोनों देश एक-दूसरे को सबसे बड़ा दुश्मन मानते हैं।

यह बात अमेरिकी थिंक टैंक प्यू रिसर्च के वैश्विक व्यवहार सर्वे में सामने आई है। इस सर्वे में लोगों की धारणाओं, राय और भरोसे को मापा गया।

सर्वे में भाग लेने वाले 91 फीसदी पाकिस्तानी वयस्कों की राय भारत को लेकर प्रतिकूल रही। वहीं भारत में पाकिस्तान को लेकर नकारात्मक राय रखने वाले वयस्क 78 फीसदी थे।

प्यू रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया कि भारत और पाकिस्तान का यह रुख पिछले एक दशक के सर्वेक्षणों में भी दिखता आया है। सवाल यह है कि आखिर दोनों देशों की एक-दूसरे को लेकर बदगुमानी क्यों खत्म नहीं होती।

दो पड़ोसियों पर क्या कहता है ग्लोबल सर्वे

एक-दूसरे को लेकर विरोध की भावना साफ दिखती है।

भारत को लेकर 73 फीसदी पाकिस्तानियों की बेहद खराब राय है। 18 फीसदी पाकिस्तानियों की राय कुछ हद तक नकारात्मक है।

पाकिस्तान को लेकर 65 फीसदी भारतीयों की बेहद खराब राय है। 16 फीसदी भारतीयों की राय कुछ हद तक नकारात्मक है।

अच्छे द्विपक्षीय रिश्ते बनाने के इरादों पर भी दोनों तरफ अविश्वास है। 57 फीसदी भारतीय अपनी सरकार को इसके प्रति प्रतिबद्ध मानते हैं। लेकिन 65 फीसदी पाकिस्तानी भारत को प्रतिबद्ध नहीं मानते। दूसरी तरफ, 51 फीसदी भारतीय पाकिस्तान को प्रतिबद्ध नहीं मानते, जबकि 61 फीसदी पाकिस्तानी अपनी सरकार को प्रतिबद्ध मानते हैं।

वर्ल्ड ऑर्डर को लेकर भी दोनों देशों की राय अलग है। अमेरिका को लेकर 45 फीसदी भारतीयों की राय सकारात्मक है, जबकि सिर्फ 15 फीसदी पाकिस्तानी ऐसा सोचते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप पर भी 39 फीसदी भारतीयों को भरोसा है, मगर सिर्फ 12 फीसदी पाकिस्तानी ऐसा मानते हैं।

चीन को लेकर तस्वीर उलट जाती है। सिर्फ 23 फीसदी भारतीयों की चीन को लेकर अच्छी राय है, जबकि 90 फीसदी पाकिस्तानियों का रुख अच्छा है। शी जिनपिंग पर 25 फीसदी भारतीयों को भरोसा है, वहीं 83 फीसदी पाकिस्तानी सकारात्मक हैं।

रूस को लेकर 58 फीसदी भारतीयों की राय अच्छी है, जबकि 39 फीसदी पाकिस्तानी ही ऐसा सोचते हैं। राष्ट्रपति पुतिन पर 51 फीसदी भारतीयों को भरोसा है, मगर सिर्फ 32 फीसदी पाकिस्तानी पॉजिटिव हैं।

सर्वे कैसे किया गया

प्यू रिसर्च सेंटर का यह सर्वे फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच किया गया। भारत में 3,566 वयस्कों से आमने-सामने बातचीत की गई। सर्वे 13 भारतीय भाषाओं में हुआ। नतीजों को राष्ट्रीय आबादी के अनुरूप बनाने के लिए सांख्यिकीय वेटिंग का इस्तेमाल हुआ।

पाकिस्तान में यह सर्वे 8 अप्रैल से 7 मई 2026 के बीच हुआ। इसमें 1,039 वयस्कों से बात की गई। यह सर्वे भी उसी तरीके से हुआ, और पांच पाकिस्तानी भाषाओं में कराया गया।

प्यू रिसर्च सेंटर के 2013 से अब तक के सर्वे में 20 फीसदी से ज्यादा भारतीयों ने कभी भी पाकिस्तान को लेकर अच्छा रुख नहीं दिखाया। वहीं पाकिस्तान में भी भारत को लेकर नजरिया आमतौर पर नकारात्मक रहा है। पिछले सर्वे में भारत के प्रति सकारात्मक राय रखने वालों का आंकड़ा सिंगल डिजिट से लेकर करीब एक-तिहाई यानी 33 फीसदी तक रहा है।

सर्वे में यह भी सामने आया कि दोनों देशों के लोग मानते हैं कि उनकी अपनी सरकार पड़ोसी से अच्छे रिश्ते बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन दूसरे देश की सरकार ऐसा नहीं चाहती।

चीन को लेकर भारत-पाकिस्तान का रुख

सर्वे के मुताबिक भारत में चीन को लेकर नकारात्मकता है और उसे खतरे के तौर पर देखा जाता है। सर्वे में शामिल 21 फीसदी भारतीयों ने चीन को सबसे बड़ा खतरा माना।

वहीं सर्वे में शामिल 75 फीसदी पाकिस्तानियों ने चीन को सबसे अहम सहयोगी बताया।

कैसे बिगड़ते गए भारत-पाकिस्तान रिश्ते

1999 में पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की लाहौर यात्रा और लाहौर घोषणा-पत्र से शांति की उम्मीद जगी थी। लेकिन मई 1999 में कारगिल घुसपैठ के बाद दोनों देशों के रिश्ते फिर तनावपूर्ण हो गए।

2001 में आगरा शिखर वार्ता किसी ठोस समझौते तक नहीं पहुंच सकी। दिसंबर 2001 में भारतीय संसद पर हमले ने रिश्तों को और खराब कर दिया।

2008 में मुंबई में हुए 26/11 हमले के बाद दोनों देशों के बीच अविश्वास और गहरा गया।

2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लाहौर यात्रा से रिश्तों में सुधार की उम्मीद बनी। लेकिन जनवरी 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले ने शांति प्रक्रिया को झटका दे दिया।

अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले के बाद तनाव एक बार फिर बढ़ गया। मई 2025 में भारत के ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान के जवाबी ऑपरेशन बुनयान अल मरसूस के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव और बढ़ गया।