नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार से 6 दिन के विदेश दौरे पर जा रहे हैं। यह दौरा इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का है। इस यात्रा से भारत की इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मौजूदगी और मजबूत होगी।
यह दौरा साउथईस्ट एशिया और पैसिफिक देशों के साथ भारत के रिश्ते मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। इसमें रक्षा, व्यापार, तकनीक, निवेश और समुद्री सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा।
पीएम मोदी तीनों देशों के नेताओं से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। वे बिजनेस कम्युनिटी और वहां रह रहे भारतीयों से भी मिलेंगे। यह उनकी इंडोनेशिया की चौथी यात्रा है। ऑस्ट्रेलिया की तीसरी द्विपक्षीय यात्रा है। न्यूजीलैंड की यह उनकी पहली यात्रा होगी।
इंडोनेशिया: 75 साल के रिश्तों का जश्न
दौरे का पहला पड़ाव इंडोनेशिया होगा। यहां पीएम मोदी राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो से मुलाकात करेंगे।
यह यात्रा भारत-इंडोनेशिया राजनयिक संबंधों के 75वें वर्ष में हो रही है। इससे दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिलेगी।
दोनों नेता कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा करेंगे, इनमें सुरक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल तकनीकि, स्वास्थ्य शिक्षा, अंतरिक्ष और कनेक्टिविटी, व्यापार और निवेश शामिल होंगे।
भारत और इंडोनेशिया, दोनों अहम समुद्री ताकतें हैं। दोनों देश महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर स्थित हैं। इसलिए क्षेत्रीय सुरक्षा पर सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
पीएम मोदी की पिछली जकार्ता यात्रा 2023 में हुई थी। तब वे आसियान और ईस्ट एशिया समिट में शामिल हुए थे। 2018 में हुई द्विपक्षीय यात्रा में दोनों देशों के रिश्तों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिला था।
ऑस्ट्रेलिया: व्यापार, सुरक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स पर बात
दौरे का दूसरा चरण ऑस्ट्रेलिया होगा। यहां पीएम मोदी ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीज के साथ वार्षिक लीडर्स समिट में हिस्सा लेंगे।
इस समिट में दोनों देशों के बढ़ते सहयोग पर चर्चा होगी। खास फोकस इन मुद्दों पर रहेगा, रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स, स्वच्छ ऊर्जा, नई तकनीकें, शिक्षा और प्रोफेशनल्स की आवाजाही।
बातचीत में कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट (CECA) पर भी बात होगी। इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश और मजबूत होगा।
पीएम मोदी ऑस्ट्रेलियाई बिजनेस कम्युनिटी और भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे।
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने हाल के सालों में क्वाड फोरम, रक्षा अभ्यास और आर्थिक सहयोग के जरिए रणनीतिक साझेदारी को काफी बढ़ाया है। पीएम मोदी की पिछली ऑस्ट्रेलिया यात्रा 2023 में हुई थी। तब उन्होंने पीएम अल्बानीज द्वारा आयोजित बड़े भारतीय डायस्पोरा सम्मेलन को संबोधित किया था।
न्यूजीलैंड: ऐतिहासिक यात्रा
दौरे का तीसरा और आखिरी चरण न्यूजीलैंड होगा। यह पीएम मोदी की न्यूजीलैंड की पहली यात्रा है।
खास बात यह है कि 40 साल से ज्यादा समय बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड जा रहा है।
पीएम मोदी न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन से बातचीत करेंगे। यहां चर्चा के मुख्य विषय कृषि, व्यापार, शिक्षा, तकनीकि, नवीकरणीय ऊर्जा, खेल और निवेश आदि होंगे।
यह यात्रा न्यूजीलैंड में रह रहे भारतीयों के लिए भी अहम है। भारतीय समुदाय वहां सबसे तेजी से बढ़ते एथनिक ग्रुप्स में से एक है।
अधिकारियों के मुताबिक, दोनों नेता द्विपक्षीय रिश्तों में हुई प्रगति पर चर्चा करेंगे। साथ ही आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी बात होगी।
यह दौरा क्यों अहम है
यह तीन देशों का दौरा भारत की इंडो-पैसिफिक रणनीति को दिखाता है। आज के समय में क्षेत्रीय कूटनीति की नींव समुद्री सुरक्षा, मजबूत सप्लाई चेन और रणनीतिक सहयोग जैसी बातों पर टिकी है।
इंडोनेशिया, आसियान में भारत का एक अहम पार्टनर है। ऑस्ट्रेलिया, भारत का सबसे करीबी रणनीतिक और रक्षा साझेदार बन चुका है। न्यूजीलैंड, पैसिफिक क्षेत्र में भारत की मौजूदगी बढ़ाने का नया मौका देता है।
तीनों देशों में पीएम मोदी राजनीतिक नेताओं से मिलेंगे। स्थानीय बिजनेस कम्युनिटी और भारतीय समुदाय से भी बातचीत करेंगे।

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