श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा ऐलान किया है। ट्रस्ट के संविधान के मुताबिक, महामंत्री चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा भी मंजूर हुआ है।

चंपत राय की जगह अब कृष्ण मोहन को जिम्मेदारी दी गई है। वे ट्रस्ट के अंतरिम महामंत्री बनाए गए हैं। कृष्ण मोहन पहले से ही ट्रस्ट के सदस्य थे।

नए महामंत्री की नियुक्ति तक कृष्ण मोहन इस पद पर बने रहेंगे। पद संभालने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। इसमें उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं बताईं।
कृष्ण मोहन ने चंदा चोरी मामले पर बात की। उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। यह उनकी पहली प्राथमिकता होगी।

उन्होंने एक बात खुलकर मानी। ट्रस्ट के प्रबंधन और संचालन में कमियां रही हैं। उन्होंने कहा कि इन कमियों को ठीक करने की कोशिश करेंगे।

कृष्ण मोहन ने आगे कहा:
“समाज में जो माहौल बना है, उससे हमारे न्यास की छवि धूमिल हुई है। इससे अविश्वास का भाव पैदा हुआ है। मेरा प्रयास होगा कि धूमिल हुई छवि को फिर से स्थापित करूं।”

कौन हैं कृष्ण मोहन?

कृष्ण मोहन की उम्र 73 साल है। वे भारतीय वन सेवा (IFS) के पूर्व अधिकारी रहे हैं। साथ ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारी भी रह चुके हैं।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कृष्ण मोहन उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के रहने वाले हैं। वे पूर्वी उत्तर प्रदेश में RSS के क्षेत्र संघचालक भी रह चुके हैं।

पिछले साल सितंबर में उन्हें ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था। यह नियुक्ति सदस्य कामेश्वर चौपाल की मौत के बाद हुई थी। कामेश्वर चौपाल बिहार के रहने वाले थे। वे दलित समुदाय से थे।

कृष्ण मोहन भी दलित समुदाय से आते हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से भूविज्ञान (जियोलॉजी) में एमएससी किया। इसके बाद वे भारतीय वन सेवा में शामिल हुए। उन्हें महाराष्ट्र कैडर मिला था।

जनवरी 2024 में राम मंदिर का पहला प्राण प्रतिष्ठा समारोह हुआ था। कृष्ण मोहन उस समारोह में अपनी पत्नी के साथ यजमान दंपतियों में शामिल थे।

1978 में वे भारतीय वन सेवा में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने परमाणु ऊर्जा विभाग में वैज्ञानिक के रूप में भी काम किया था।

महाराष्ट्र वन विभाग में उन्होंने कई पदों पर काम किया। साल 2012 में वे अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से रिटायर हुए।

RSS में भी उन्होंने कई जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे नगर संघचालक रहे। इसके बाद जिला संघचालक बने। फिर उन्हें अवध प्रांत का प्रांत संघचालक बनाया गया।
द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कृष्ण मोहन ने कहा था:
“मुझे चंपत राय जी से जानकारी मिली कि मुझे ट्रस्टी नामित किया गया है। यह मेरे लिए अप्रत्याशित था। यह सब भगवान राम की इच्छा से हुआ है। मैं अपनी नई जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा।”

चंपत राय और अनिल मिश्रा की विदाई

चंपत राय

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया था। इसके बाद सोमवार को ट्रस्ट की पहली बैठक हुई। यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।

बैठक में दो बड़े फैसले हुए। महामंत्री चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। साथ ही सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा भी मंजूर हुआ।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने मीडिया को बताया कि कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री बनाया गया है। नए महामंत्री की नियुक्ति तक वे इसी पद पर रहेंगे।

कोषाध्यक्ष ने एक और अहम जानकारी दी। खास अधिकारियों की नियुक्ति के लिए एक समिति बनाई गई है। ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को होगी।

उन्होंने उम्मीद जताई कि तब तक SIT की रिपोर्ट भी आ जाएगी। राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की चोरी और गबन के आरोप लगे थे। इन्हीं आरोपों के बीच चंपत राय ने पिछले महीने इस्तीफा दे दिया था।

26 जून से ही चंपत राय के इस्तीफे की खबरें आ रही थीं। लेकिन ट्रस्ट ने इसे 27 जून को आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया। इसके लिए एक पत्र भी जारी किया गया था।