मध्य पूर्व में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। इसका सीधा असर समुद्री सुरक्षा पर पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में हालात अब गंभीर हो चुके हैं।

हजारों लोग समुद्र में फंसे

संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी IMO ने अहम जानकारी दी है। एजेंसी प्रमुख अर्सेनियो डोमिंगुएज़ ने इस बारे में बताया। उनके मुताबिक, होर्मुज़ स्ट्रेट में सैकड़ों जहाज मौजूद हैं। इन जहाजों पर करीब 6,000 लोग सवार हैं। ये सभी लोग अभी भी वहां फंसे हुए हैं।

डोमिंगुएज़ ने बीते दो दिनों की घटनाओं की निंदा की। इस दौरान जहाजों पर कई हमले हुए थे। उन्होंने शिपिंग कंपनियों से एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि कंपनियां फिलहाल इस जलमार्ग से बचें। यह जलमार्ग व्यापार के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।

ईरानी नौसेना की चेतावनी रिकॉर्ड हुई

बीबीसी वेरिफाई की टीम को एक अहम रिकॉर्डिंग मिली है। यह रिकॉर्डिंग समुद्री रेडियो संचार की है। इसमें ईरानी नौसेना की आवाज सुनी जा सकती है।

रिकॉर्डिंग में एक खास घटना दर्ज है। ईरानी नौसेना बार-बार एक कप्तान को निर्देश दे रही है। यह कप्तान अल मरयाह तेल टैंकर का है। नौसेना उसे अपना रास्ता बदलने को कह रही है।

रिकॉर्डिंग में एक चेतावनी भी शामिल है। ईरानी नौसेना कहती है कि मौजूदा रास्ता सुरक्षित नहीं है। इसके बाद कप्तान को सीधी चेतावनी दी जाती है। नौसेना कहती है, “अपनी जान को खतरे में मत डालिए।”

दो दिन में तीन जहाजों पर हमला

बीते दो दिनों में होर्मुज़ स्ट्रेट के हालात पूरी तरह बदल गए हैं। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ ने इसकी पुष्टि की है।

एजेंसी के मुताबिक, इस दौरान तीन अलग-अलग घटनाएं हुईं। इन घटनाओं में तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया।

इनमें से पहला हमला सोमवार को हुआ। बाकी दो हमले मंगलवार के दिन हुए।

हालांकि कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। एजेंसी ने प्रभावित जहाजों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।

यह भी साफ नहीं है कि हमला किसने किया। हताहतों की सही संख्या भी अभी पता नहीं चल पाई है। ईरान ने अब तक इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।

अमेरिका का बड़ा पलटवार

इस बीच अमेरिका की तरफ से बड़ा कदम उठाया गया। अमेरिकी सेना ने मंगलवार को अहम घोषणा की। यह घोषणा स्थानीय समयानुसार की गई।

सेना ने बताया कि उसने ईरान पर बड़े हमले शुरू कर दिए हैं। ये हमले लगातार सिलसिलेवार तरीके से किए गए। अब तक 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है।

इस पूरे घटनाक्रम से होर्मुज़ स्ट्रेट में स्थिति और गंभीर हो गई है।